धरती गगन में होती है
तेरी जय जय कर ओ मैया
जय जय मेहरावली माँ ………….
जय जय ज्योतावाली माँ …………
जय जय लटावाली माँ ……….
तेरी जय जय कर ओ मैया
ऊँचे भवन में होती है
तेरी जय जय कर …..2
तुझको पूजे संसार
तेरी जय जय कर ओ मैया
ऊँचे भवन में होती है
तेरी जय जय कर …..2
तीनो की तू प्यारी
गुफा के अंदर तेरा मंदिर
तेरी महिमा न्यारी
शिव की जटा से निकली गंगा
आयी शरण तिहारी
आदि शक्ति आदि भवानी
तेरी शेर सवारी
करना तू इतना उपकार
आये है तेरे चरणों में
देना हमको प्यार
तेरी जय जय कर ओ मैया
ऊँचे भवन में होती है
तेरी जय जय कर …..2
तेरे आगे शीश झुकाये
सूरज चाँद सितारे तुझसे
उजियारा ले जाये
देव लोक के देव भी मैया
तेरे ही गुन गए
मानव करे जो तेरी भक्ति
भव सागर तर जाये
करना तू इतना उपकार
आये है तेरे चरणों में
देना हमको प्यार
तेरी जय जय कर ओ मैया
ऊँचे भवन में होती है
तेरी जय जय कर …..2
तुझको पूजे संसार
तेरी जय जय कर ओ मैया
ऊँचे भवन में होती है
तेरी जय जय कर …..2

जय जय शेरावाली माँ ……….
जयकारा शेरावाली डा …………
बोल साँचे दरबार की जय ………..
धरती गगन में होती है
दुनिया तेरा नाम जापे हो …..2
धरती गगन में होती है
सरस्वती महालष्मी काली
जय आंबे जय माँ जगदम्बे
धरती गगन में होती है
ब्रह्मा विष्णु महेश भी
जय आंबे जय माँ जगदम्बे
धरती गगन में होती है
दुनिया तेरा नाम जापे हो …..2
धरती गगन में होती है

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