जीवन की ये बगिया मेरे श्याम ने ही है खिलाई,
जीवन की ये बगिया मेरे श्याम ने ही है खिलाई,
हर सुख दुख मई मुझको पड़ता ये ही दिखाई,
हर सुख दुख मई मुझको पड़ता ये ही दिखाई,

जब जब मेरा मॅन घबराता मुझे कुच्छ भी साँझ नही आता,
अपनो को मई ना सुहाता उनपे मई बोझ बन जाता,
आता है श्याम मेरा आता है, आकर मुझे गले लगता है,
जब जब मेरा मॅन घबराता मुझे कुच्छ भी साँझ नही आता,
अपनो को मई ना सुहाता उनपे मई बोझ बन जाता,
आता है श्याम मेरा आता है, आकर मुझे गले लगता है,
आता है श्याम मेरा आता है, आकर मुझे गले लगता है,

जीवन की ये बगिया मेरे श्याम ने ही है खिलाई,
जीवन की ये बगिया मेरे श्याम ने ही है खिलाई,
हर सुख दुख मई मुझको पड़ता ये ही दिखाई,
हर सुख दुख मई मुझको पड़ता ये ही दिखाई,
सुख बढ़ चढ़ साथ निभाता दुख द्वार खड़े रह जाता,
मेरा श्याम खड़ा मुस्कता मई झूम झूम कर गाता,
आता है श्याम मेरा आता है, आकर मुझे गले लगता है,
आता है श्याम मेरा आता है, आकर मुझे गले लगता है,

जिसको ना हो भरोसा वो करके भरोसा देखे,
जिसको ना हो भरोसा वो करके भरोसा देखे,
उसकी नाव ना डूबे उसे श्याम ही आकर खेचए,
उसकी नाव ना डूबे उसे श्याम ही आकर खेचए,
झट नाव किनारे लगती हर उलझी गात सुलझती
फिर बात कभी ना बिगड़ती,बिगड़ती किस्मत भी सुधरती,
आता है श्याम मेरा आता है, आकर मुझे गले लगता है,
आता है श्याम मेरा आता है, आकर मुझे गले लगता है,

कलयुग इनका प्यारे तू भी इनका हो जा,
कलयुग इनका प्यारे तू भी इनका हो जा,
सौप के इनको नैया इनकी शरण मेी हो जा,
सौप के इनको नैया इनकी शरण मेी हो जा,
आनंद ऐसा आएगा तू कभी ना भर्माएगा
पाकर के श्याम की मस्ती तू झूम झूम कर गाएगा,
आता है श्याम मेरा आता है, आकर मुझे गले लगता है,
आता है श्याम मेरा आता है, आकर मुझे गले लगता है,

जब जब मेरा मॅन घबराता मुझे कुच्छ भी साँझ नही आता,
अपनो को मई ना सुहाता उनपे मई बोझ बन जाता,
आता है श्याम मेरा आता है, आकर मुझे गले लगता है,
जब जब मेरा मॅन घबराता मुझे कुच्छ भी साँझ नही आता,
अपनो को मई ना सुहाता उनपे मई बोझ बन जाता,
आता है श्याम मेरा आता है, आकर मुझे गले लगता है,
आता है श्याम मेरा आता है, आकर मुझे गले लगता है,

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