माँ शैलपुत्री को प्रसन्न कैसे करें ” नवरात्री के पहले दिन की पूजा विधि और मंत्र “

चैत्र नवरात्री की शुरुवात हो चुकी है और कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच माँ का आगमन हो रहा है अर्थात भारतवर्ष को और संपूर्ण धरती को कोरोना से बचाने माँ स्वयं आ रही हैं आइये हम माँ से विश्वशांति के लिए प्रार्थना करें और जानें कि किस प्रकार हम माँ को प्रसन्न कर सकते हैं।

दोस्तों जैसा की आप जानते हैं की सनातन धर्म में मानसिक पूजा अर्थात ध्यान को सबसे अधिक महत्वा दिया गया है इसका सीधा सीधा मतलब है कि लॉक डाउन कि वजह से अगर आप के पास पूजन सामग्री कि कमी हो तो भी आप सच्चे मन से माँ कि पूजा करें माँ प्रसन्न अवश्य होंगी क्यूंकि माँ का कोमल हृदय हम भक्तों के भाव को पढ़ सकता है और जैसा कि कहा गया है ” जैसी दृष्टि वैसी सृष्टि ”

यहाँ हम माँ शैलपुत्री के पूजन की विधि दे रहे हैं लेकिन आप अपने सामर्थ्य अनुसार जो बन पड़े उसी हिसाब से माँ का पूजन करें आपकी पूजा अवश्य स्वीकार होगी क्यूंकि माँ सब जानती है और माँ हमारा कल्याण करने ही तो आ रही है,

है ना ?

चलिए तो आगे बढ़ते हैं, आज सबसे पहले कलश की स्थापना करते हैं, उसके बाद माँ को फूल, फल, चन्दन, अक्षत धुप तथा सिंदूर इत्यादि माँ को चढ़ाया जाता है इसके बाद घी का दीपक जलाकर माँ की आरती की जाती है और निम्नलिखित मंत्र का जाप किया जाता है।

शैलपुत्री मंत्र : ॐ ऐं ह्रीं क्लीं शैलपुत्रये नमः

इस मंत्र के सही उच्चारण के लिए आप निचे दिए गए यूट्यूब वीडियो देखें और हमारा चैनल सब्सक्राइब अवश्य कर लें ताकि आप पुरे नौ दिन नौ देवियों के मंत्र सुन सकें। 25 मार्च को कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 06:05 बजे से 07:01 के बीच में है।

माँ शैलपुत्री राजा शैल की पुत्री हैं और इनके एक हाथ में त्रिशूल, दूसरे में कमल का पुष्प और माथे पर चन्द्रमा प्रकाशमान है जो माँ की छटा को और भी भव्य बना देता है। माँ शैलपुत्री का स्वाभाव सरल है और ये सुख सम्पति, धन धान्य तथा हर प्रकार का सुख प्रदान करने वाली देवी हैं।

आपको ये लेख कैसा लग कृपया हमें कमेंट में सूचित करें और इसी प्रकार के अन्य लेखों के लिए इस वेबसाइट तो सब्सक्राइब करना ना भूलें , माँ आपके जीवन में सुख शांति स्थापित करें यही हमारी प्रार्थना hai.